लौट कर ना आना

‌मैं तुमको भूल जाऊंगा मगर याद तुम भी ना आना ,
तुम्हारे रास्ते तुम्हें बुलाते हैं तुम लौट कर ना आना।

मैं अब जैसा भी हूं मुझे मेरे हाल में रहने दो ,
मुझे याद रहेगा तेरे अफसानों में हमारा फ़साना ।

तुम हुई हो हक़ीक़त से रूबरू तो अब मलाल कैसा,
मुझे याद करके यूं मेरी तरह अपने दिल को तड़पाना ।

मैंने तुमको छोड़ कर तुम पर एक एहसान किया है ,
तुम मुझे छोड़कर एक एहसान मुझ पर भी जताना ।

मैं समझ चुका हूं, बस अब दिल को है समझाना,
लौट कर मैं भी ना आऊंगा लौट कर तुम भी ना आना ।।

***आशीष रसीला***

Ashish Rasila

7 thoughts on “लौट कर ना आना

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